At a glance
- Also known as
- फ़ाइब्रोमायल्जिया सिंड्रोम, FMS (एफ.एम.एस.)
- ICD-10
- M79.7
- Key symptoms
-
- शरीर भर में व्यापक दर्द जो कई महीनों तक रहता है
- थकान जो आराम से दूर नहीं होती
- ताज़गी न देने वाली या बाधित नींद
- एकाग्रता या याद रखने में कठिनाई ("फ़ाइब्रो फ़ॉग")
- दर्द, स्पर्श, या तापमान के प्रति बढ़ी हुई संवेदनशीलता
- सिरदर्द और उदास मन
परिचय
फ़ाइब्रोमायल्जिया एक दीर्घकालिक स्थिति है जिसकी मुख्य विशेषता पूरे शरीर में व्यापक दर्द है। इसके साथ थकान, ताज़गी न देने वाली नींद, और एकाग्रता व स्मृति में कठिनाई भी देखि जाती है। यह बिमारी अक्सर रुमेटॉइड आर्थराइटिस या ल्यूपस जैसी अन्य बीमारियों के साथ भी देखि जाती है ।
फ़ाइब्रोमायल्जिया का दर्द जोड़ों और मांसपेशियों की सूजन या क्षति से नहीं आता। हर अंग से दर्द के सिग्नल लेके जानी वाली नसें (nerves) ज्यादा संवेदनशील हो जाती है — जिससे सामान्य अनुभूतियाँ भी दर्दनाक महसूस होती हैं और दर्दनाक अनुभूतियाँ अधिक तीव्रता लगती है। इस बिमारी में दर्द संकेतों का “वॉल्यूम” बढ़ा हुआ होता है, डॉक्टर इसे सेंट्रल सेंसिटाइज़ेशन (central sensitization) कहते हैं। यह बिमारी वास्तविक है, सभी रक्त परीक्षण और स्कैन सामान्य होने पर भी दर्द असली होता है।
फ़ाइब्रोमायल्जिया घटती-बढ़ती रहती है। अच्छे और बुरे दौर आते हैं। और बिमारी के लक्षण तनाव, खराब नींद, या बहुत अधिक काम कर लेने से भड़क सकते हैं। इस स्थिति को समझना और इसका प्रबंधन सीखना बेहतर होने की नींव है, और अधिकांश लोग अपने लक्षणों में सुधार करके सक्रिय बने रह पाते हैं।
लक्षण
शरीर के कई हिस्सों में महसूस होने वाला दर्द इस बिमारी का मूल लक्षण है। आमतौर पर मरीज महीनों से दोनों ओर (दायें – बाएँ), और कमर के ऊपर व नीचे मौजूद दर्द की शिकायत करते हैं । लोग इसे दुखन, जलन, या अकड़न के रूप में बताते हैं, और यह दिन-प्रतिदिन जगह बदल सकता है।
दर्द के साथ, दो लक्षण लगभग हमेशा मौजूद रहते हैं: थकान जो आराम से दूर नहीं होती, और ऐसी नींद जो ताज़गी नहीं देती, जिससे व्यक्ति उतना ही थका हुआ उठता है जितना सोने जाते समय था। बहुत से लोग एकाग्रता और अल्पकालिक स्मृति(memory) में भी समस्याएँ महसूस करते हैं, जिसे अक्सर “फ़ाइब्रो फ़ॉग” कहा जाता है। यह बिमारी में स्पर्श, शोर, तेज़ रोशनी, या तापमान के प्रति बढ़ी हुई संवेदनशीलता देखि जाती है।
नसों की संवेदनशीलता अन्य कई बिमारी में देखि जाती है – तनाव सिरदर्द या माइग्रेन, चिड़चिड़ी आँत (आईबीएस), चिड़चिड़ा या आकुल मूत्राशय, हाथों और पैरों में झुनझुनी, और उदास मन या चिंता। फ़ाइब्रोमायल्जिया इन लक्षणों के साथ भी देखि जाती है । फ़ाइब्रोमायल्जिया का दायरा इतना व्यापक है, कई बार इसे पहचानने में देर हो सकती है ।
कारण और जोखिम कारक
सटीक कारण ज्ञात नहीं है, पर वर्तमान समझ यह है कि मस्तिष्क और स्पाइनल कॉर्ड दर्द संकेतों के प्रति अधिक संवेदनशील और उन्हें दबाने में कम सक्षम हो जाते हैं। यह किसी एक व्यक्ति में क्यों होता है और दूसरे में नहीं, यह पूरी तरह तय नहीं है, और इसमें संभवतः एक वंशानुगत(genetic) प्रवृत्ति और किसी ट्रिगर(trigger) का मेल शामिल होता है।
फ़ाइब्रोमायल्जिया गंभीर शारीरिक या भावनात्मक तनाव की अवधि, कोई बड़ा संक्रमण, या दुर्घटना जैसी शारीरिक चोट जैसी चीजों से ट्रिगर होता है । फ़ाइब्रोमायल्जिया महिलाओं में अधिक आम है और परिवारों में चल सकती है। यह उन लोगों में भी अधिक संभावित है जिन्हें पहले से कोई सूजन वाली आमवाती (rheumatic disease ) बीमारी हो। यही एक कारण है कि रुमेटोलॉजिस्ट सावधानी से देखता है कि कहीं दोनों तो मौजूद नहीं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फ़ाइब्रोमायल्जिया जोड़ या मांसपेशी की क्षति से नहीं होती, और यह जोड़ों की विकृति या विकलांगता की ओर नहीं ले जाती।
निदान
फ़ाइब्रोमायल्जिया एक सकारात्मक निदान है, जो लक्षणों के विशिष्ट स्वरूप से किया जाता है — न कि केवल एक लेबल जो बाकी सब कुछ रद्द होने पर दिया जाता है। मुख्य विशेषताएँ तीन महीने से अधिक चलने वाला व्यापक दर्द, साथ ही थकान, ताज़गी न देने वाली नींद, और संज्ञानात्मक लक्षण हैं।
ऐसा कोई रक्त परीक्षण या स्कैन नहीं है जो फ़ाइब्रोमायल्जिया की पुष्टि करे। डॉक्टर कभी-कभी संरचित मानदंडों का उपयोग करते हैं, जैसे व्यापक दर्द सूचकांक और लक्षण गंभीरता स्कोर, जो स्थिति का एकसमान वर्णन करने में मदद करते हैं पर मुख्यतः शोध के लिए बनाए गए थे। व्यवहार में, सावधान इतिहास(history ) और जाँच (examination) से इस बिमारी का निदान होता है।
स्पष्ट निदान मिलना स्वयं में एक महत्वपूर्ण कदम है। बहुत से लोग लंबा समय यह सुनते हुए बिताते हैं कि उनके परीक्षण सामान्य हैं, और यह चिंता करते हुए कि उन पर विश्वास नहीं किया जाएगा। स्थिति को नाम देने से ध्यान और परीक्षणों से हटकर उस योजना की ओर जा सकता है जो वास्तव में मदद करती है।
जाँचें
आम-तोर पर परीक्षण ये जानने किए जाते हैं की अन्य बिमारी के कारण दर्द और थकान तो नहीं है। एक सामान्य समूह में संपूर्ण रक्त गणना, सूजन के संकेतक (ESR और CRP), थायरॉइड के रिपोर्ट,आइअर्न प्रोफाइल, कैल्शियम और विटामिन डी, और कभी-कभी एक मांसपेशी एंज़ाइम (CK) शामिल होते हैं। फ़ाइब्रोमायल्जिया में ये आमतौर पर ये सारे रिपोर्ट सामान्य (normal) होते हैं, और सामान्य परिणाम का यह मतलब नहीं कि लक्षण काल्पनिक हैं — यह केवल अन्य कारणों को रद्द करता है।
व्यापक स्कैनिंग और बार-बार के रक्त परीक्षण आमतौर पर अनुपयोगी होते हैं और अनिश्चितता को लंबा खींच सकते हैं। इमेजिंग तभी के लिए आरक्षित है जब कोई विशिष्ट चेतावनी संकेत किसी भिन्न समस्या की ओर इशारा करें। जहाँ रुमेटॉइड आर्थराइटिस या ल्यूपस जैसी सूजन वाली बीमारी का भी संदेह हो, वहाँ संबंधित एंटीबॉडी परीक्षण किए जाते हैं, क्योंकि दोनों एक साथ हो सकते हैं।
उपचार
फ़ाइब्रोमायल्जिया के सबसे प्रभावी उपचार दवाएँ नहीं हैं। विभिन्न दिशानिर्देश बिमारी के बारे में शिक्षा और श्रेणीबद्ध व्यायाम के एक कार्यक्रम से शुरू करने की सलाह देते हैं, जिसका किसी भी एकल उपचार की तुलना में सबसे मज़बूत प्रमाण है। इसके साथ, नींद पर ध्यान रखना , तनाव को नियंत्रण में रखनेकी तकनीकें, और दिनचर्या को संतुलित तौर से करने पर भी ध्यान दिया जाता है।
जब इन उपायों के बावजूद लक्षण कठिन बने रहें, तो कुछ दवाएँ मदद कर सकती हैं – जो दर्द संकेतों के संसाधित होने के तरीके पर काम करती हैं। सामान्य दर्द निवारक नहीं काम करती हैं। कम-खुराक वाली एमिट्रिप्टिलाइन (amitryptilline) अक्सर पहले आज़माई जाती है, विशेषकर नींद में मदद के लिए, और ड्यूलोक्सेटिन (duloxetine) या प्रेगाबालिन(pregabalin) विकल्प हैं। इन्हें कम खुराक पर शुरू किया जाता है और धीरे-धीरे समायोजित किया जाता है, और इनका उद्देश्य दर्द को पूरी तरह हटाने के बजाय लक्षणों को इतना कम करना है कि व्यायाम और रोज़मर्रा की ज़िंदगी अधिक संभालने योग्य हो जाए।
तेज़ दर्द निवारक (high dose painkillers, और विशेषकर ओपिओइड (opiods), अनुशंसित नहीं हैं: वे वास्तविक हानि पहुँचाते हैं और दीर्घकाल में फ़ाइब्रोमायल्जिया में मदद नहीं करते। साथ में मौजूद उदास मन, चिंता, या खराब नींद का उपचार अक्सर दर्द को भी सुधारता है, यही कारण है कि देखभाल आमतौर पर केवल दर्द के बजाय पूरे चित्र पर ध्यान देती है।
फ़ाइब्रोमायल्जिया के साथ जीवन
धीरे-धीरे बढ़ाया गया नियमित, हल्का व्यायाम सबसे अधिक मदद करता है । यह अक्सर शुरू में अधिक कठिन लगता है और थोड़े समय के लिए लक्षण बढ़ा सकता है, जो अपेक्षित है। व्यायाम एक दम हल्के से शुरू करना चाहिए और धीरे धीरे बढ़ाना चाहिए। एरोबिक गतिविधि(aerobic exercise) जैसे चलना, तैरना, या साइकिल चलाना, और हल्की मज़बूती देने वाली कसरत, दोनों मदद करती हैं।
अच्छी नींद की दिनचर्या, गतिविधि को संतुलित तौर पर करना चाहिए जिससे “जोश और थकान” के चक्र से बचा जा सके, और मन व तनाव के लिए सहारा — ये सभी वास्तविक अंतर लाते हैं। काम और घर पर छोटे समायोजन लोगों को उनकी सामान्य भूमिकाओं में बने रहने में मदद करते हैं। फ़ाइब्रोमायल्जिया एक दीर्घकालिक स्थिति है, पर यह शरीर को नुकसान नहीं पहुँचाती, और एक निरंतर योजना के साथ अधिकांश लोग पाते हैं कि उनके लक्षण समय के साथ अधिक अनुमानित और सहने में आसान हो जाते हैं।
Frequently asked questions
क्या फ़ाइब्रोमायल्जिया एक वास्तविक स्थिति है?
हाँ। फ़ाइब्रोमायल्जिया एक मान्यता प्राप्त चिकित्सा स्थिति है। दर्द असली है, भले ही रक्त परीक्षण और स्कैन आमतौर पर सामान्य हों, क्योंकि यह इस बात से आता है कि तंत्रिका तंत्र दर्द को कैसे संसाधित करता है।
क्या फ़ाइब्रोमायल्जिया मेरे जोड़ों को नुकसान पहुँचाती है?
नहीं। फ़ाइब्रोमायल्जिया जोड़ों या मांसपेशियों को नुकसान नहीं पहुँचाती और विकृति की ओर नहीं ले जाती, भले ही दर्द गंभीर हो सकता है।
क्या व्यायाम मेरा दर्द बढ़ा देगा?
यह शुरू में अधिक कठिन लग सकता है, पर समय के साथ धीरे-धीरे व्यायाम बढ़ाना सबसे प्रभावी उपचारों में से एक है। धीरे से शुरू करना और बढ़ाते जाना ही कुंजी है।
क्या फ़ाइब्रोमायल्जिया का कोई इलाज है?
कोई पूर्ण इलाज नहीं है, पर लक्षणों में बहुत सुधार किया जा सकता है। व्यायाम, बेहतर नींद, तनाव प्रबंधन, और कभी-कभी दवा के मेल से अधिकांश लोग अधिक भरपूर जीवन जीते हैं।
References
- EULAR revised recommendations for the management of fibromyalgia
- 2016 Revisions to the ACR Fibromyalgia Diagnostic Criteria
- Chronic pain (primary and secondary) in over 16s: assessment and management (NG193) View source (opens in a new tab)