At a glance
- Also known as
- ANCA वैस्कुलाइटिस, AAV (ए.ए.वी.)
- Key symptoms
-
- बुखार, थकान, और अनचाहा वज़न घटना
- लंबे समय तक रहने वाले साइनस या नाक के लक्षण, नकसीर, या कान की समस्याएँ
- खाँसी, साँस फूलना, या खून की खाँसी
- गुर्दे की भागीदारी से मूत्र में रक्त या प्रोटीन
- प्रभावित तंत्रिकाओं से सुन्नपन, झुनझुनी, या कमज़ोरी
- छोटे बैंगनी-लाल धब्बों के चकत्ते, अक्सर पैरों पर
परिचय
ANCA-संबद्ध वैस्कुलाइटिस (AAV) ऑटोइम्यून बीमारियों का एक समूह है जिसमें प्रतिरक्षा तंत्र शरीर की सबसे छोटी रक्त वाहिकाओं में सूजन पैदा करता है। चूँकि ये वाहिकाएँ हर अंग को रक्त पहुँचाती हैं, यह बीमारी एक साथ शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित कर सकती है — सबसे महत्वपूर्ण रूप से गुर्दे, फेफड़े, साइनस और तंत्रिकाएँ। इसका नाम प्रभावित अधिकांश लोगों के रक्त में मिलने वाले एक एंटीबॉडी से आता है, एंटी-न्यूट्रोफिल साइटोप्लाज़्मिक एंटीबॉडी (Anti Neutrophilic Cytoplasmic Antibody), या ANCA।
इसके तीन मुख्य प्रकार हैं। ग्रैन्युलोमैटोसिस विद पॉलीएंजाइटिस (Granulomatosis with Polyangitis, GPA) आमतौर पर साइनस, नाक, कान और फेफड़ों के साथ-साथ गुर्दों को प्रभावित करता है। माइक्रोस्कोपिक पॉलीएंजाइटिस (Microscopic, Polyangitis, MPA) अक्सर गुर्दों और फेफड़ों को प्रभावित करता है। इओसिनोफिलिक ग्रैन्युलोमैटोसिस विद पॉलीएंजाइटिस (Eosinophilc GRanulomatosis with Eosinophilia, EGPA) उन लोगों में होता है जिन्हें वयस्कावस्था में शुरू हुआ अस्थमा और इओसिनोफिल नामक श्वेत कोशिका का उच्च स्तर हो। इन्हें एक साथ समूहित किया जाता है क्योंकि ये ANCA एंटीबॉडी साझा करते हैं और समान उपचार पर प्रतिक्रिया देते हैं।
AAV, साइनस या त्वचा तक सीमित बीमारी से लेकर ऐसी तेज़ी से बढ़ने वाली बीमारी तक हो सकता है जो कुछ ही दिनों में गुर्दों या फेफड़ों के लिए ख़तरा बन जाए। यही कारण है कि इसे ऐसी स्थिति के रूप में देखा जाता है जिसे शीघ्र विशेषज्ञ आकलन की ज़रूरत होती है, और यही कारण है कि बीमारी शांत होने के बहुत बाद तक भी निगरानी (regular checkup) और रिपोर्ट कराना आवश्यक है ।
लक्षण
बहुत से लोग विशिष्ट लक्षणों के प्रकट होने से पहले हफ़्तों या महीनों तक सामान्य रूप से अस्वस्थ महसूस करते हैं — बुखार, थकान, वज़न घटना, और जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द के साथ। चूँकि ये शुरुआती लक्षण अस्पष्ट होते हैं, निदान शुरू में अक्सर स्पष्ट नहीं होता।
विशिष्ट लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि कौन-से अंग प्रभावित हैं। GPA (Granulomatosis with Polyangitis) में लगातार बंद या पपड़ीदार नाक, नकसीर, साइनस दर्द, या कान की समस्याएँ और सुनने में कमी हो सकती है। फेफड़ों की भागीदारी खाँसी, साँस फूलना, या खून की खाँसी पैदा कर सकती है। गुर्दे चुपचाप प्रभावित हो सकते हैं, जो केवल मूत्र (Urine Report) में रक्त या प्रोटीन के रूप में दिखते हैं, यही कारण है कि मूत्र परीक्षण इतना महत्वपूर्ण है। सूजी हुई तंत्रिकाएँ सुन्नपन या कमज़ोरी पैदा कर सकती हैं, अक्सर किसी हाथ या पैर में, और त्वचा पर छोटे बैंगनी धब्बों के चकत्ते दिख सकते हैं। EGPA में, बिगड़ता अस्थमा और नाक के पॉलिप विशिष्ट हैं।
कारण और जोखिम कारक
AAV का ट्रिगर आमतौर पर अज्ञात होता है। यह तब विकसित होता है जब प्रतिरक्षा तंत्र ग़लती से सक्रिय होकर छोटी रक्त वाहिकाओं की परत को नुकसान पहुँचाता है, और इसमें एक वंशानुगत प्रवृत्ति(genetic) और पर्यावरणीय कारक दोनों का योगदान माना जाता है। थोड़े से मामले कुछ विशेष दवाओं (drugs) , शायद ही कभी, संक्रमणों (infection) से जुड़े होते हैं।
AAV संक्रामक नहीं है और सरल, सीधे तरीके से वंशानुगत नहीं है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है पर मध्य आयु के बाद के वयस्कों में सबसे आम है, और GPA व MPA पुरुषों और महिलाओं को लगभग समान रूप से प्रभावित करते हैं। किसी व्यक्ति के आदतों, खाने के तोर-तरीकों से इस बिमारी का कोई संबंध नहीं है। इसे कम या ज्यादा नहीं किया जा सकता।
निदान
निदान लक्षणों के स्वरूप, रक्त और मूत्र परीक्षणों, इमेजिंग (imaging), और — जहाँ भी संभव हो — गुर्दे, त्वचा, या नाक जैसे किसी प्रभावित अंग की बायोप्सी (kidney, skin, nasal biopsy) को मिलाकर किया जाता है। विशिष्ट सूजन दिखाने वाली बायोप्सी सबसे पक्का निदान देती है और उपचार का मार्गदर्शन करने में मदद करती है।
ANCA के रक्त परीक्षण दो स्वरूप मापे जाते हैं, जो PR3 और MPO नामक प्रोटीन के विरुद्ध निर्देशित होते हैं; PR3-ANCA अधिकतर GPA में और MPO-ANCA अधिकतर MPA में देखा जाता है। सही नैदानिक संदर्भ में पॉज़िटिव ANCA निदान का दृढ़ता से समर्थन करता है, पर पूरा चित्र मायने रखता है, क्योंकि यह एंटीबॉडी कभी-कभी अन्य स्थितियों में भी मिल सकता है। चूँकि गुर्दे बिना लक्षणों के प्रभावित हो सकते हैं, मूत्र (Urine रिपोर्ट) की हमेशा जाँच की जाती है, और गुर्दे की सूजन के किसी भी संकेत को अत्यावश्यक माना जाता है।
जाँचें
शुरुआती परीक्षणों में आमतौर पर ANCA (PR3 और MPO स्वरूपों के साथ), सूजन के संकेतक (ESR और CRP), संपूर्ण रक्त गणना, और गुर्दे के रिपोर्ट शामिल होते है । मूत्र की रक्त और प्रोटीन के लिए जाँच की जाती है, और यदि गुर्दे की सूजन का संदेह हो तो गुर्दे की बायोप्सी की व्यवस्था की जाती है। छाती का एक्स-रे या सीटी स्कैन फेफड़ों की भागीदारी देखता है, और EGPA में इओसिनोफिल(eosinophil) की गिनती पर नज़र रखी जाती है।
इन परीक्षणों का उपयोग समय के साथ यह आँकने के लिए भी होता है कि बीमारी कितनी सक्रिय है और किसी पुनरावृत्ति (relapse) को जल्दी पकड़ने के लिए। शांत अवधियों में निगरानी जारी रहती है, क्योंकि AAV महीनों या वर्षों बाद फिर भड़क सकता है, और शुरुआती फ्लेयर को बढ़े हुए फ्लेयर की तुलना में नियंत्रित करना कहीं आसान होता है।
उपचार
उपचार के दो चरण होते हैं। पहला, इंडक्शन (induction), सक्रिय बीमारी को जल्दी नियंत्रण में लाता है, आमतौर पर स्टेरॉयड के साथ रिटक्सिमैब (Rituximab) या साइक्लोफॉस्फेमाइड (Cyclophosphamide) में से किसी एक को मिलाकर। वर्तमान मार्गदर्शन इस बात पर ज़ोर देता है कि बीमारी शांत होने देने स्टेरॉयड की खुराक तेज़ी से घटा दी जाए, क्योंकि समय के साथ AAV में अधिकांश हानि (side-effect) लंबे समय तक की उच्च-खुराक स्टेरॉयड से आती है। गंभीर गुर्दे या फेफड़ों की बीमारी में चुनिंदा मामलों में प्लाज़्मा एक्सचेंज (plasma-exchange) जैसे अतिरिक्त उपचारों की ज़रूरत पड़ सकती है।
बीमारी शांत होने पर, दूसरा चरण — मेंटेनेंस(maintenance) — इसे रेमिशन में बनाए रखता है। आमतौर पर एक निर्धारित अवधि के लिए रिटक्सिमैब(Rituximab) या (Azathioprine) जैसे कम-तीव्रता वाले उपचार दिए जाते है । चूँकि ये दवाएँ प्रतिरक्षा तंत्र को कमज़ोर करती हैं, देखभाल में संक्रमण की रोकथाम शामिल है: कुछ टीके (vaccine ), एक विशिष्ट छाती के संक्रमण को रोकने वाली दवा (antibiotic prophylaxis) , और नए संक्रमण हो तो उसे पकड़ ने के लिए regular checkup किया जाता है । सटीक योजना AAV के प्रकार, प्रभावित अंगों, और बीमारी के व्यवहार के अनुसार तय की जाती है।
ANCA-संबद्ध वैस्कुलाइटिस के साथ जीवन
आधुनिक उपचार के साथ, AAV वाले अधिकांश लोग रेमिशन तक पहुँचते हैं और भरपूर जीवन जीते हैं, पर यह एक दीर्घकालिक स्थिति है जिसे रुमेटोलॉजी टीम के साथ निरंतर साझेदारी की ज़रूरत होती है। नियमित रक्त और मूत्र जाँच में उपस्थित होना वह एकमात्र सबसे उपयोगी काम है जो कोई व्यक्ति कर सकता है, क्योंकि इसी से किसी पुनरावृत्ति या उपचार के दुष्प्रभाव को जल्दी पकड़ा जाता है।
संक्रमण की रोकथाम मायने रखती है: अनुशंसित तौर पर टीके लेना, , बुखार को नज़रअंदाज़ न करना, और यह जानना कि किन लक्षणों को अत्यावश्यक समीक्षा की ज़रूरत है — ये सभी मदद करते हैं। धूम्रपान न करना, और रक्तचाप, गुर्दे के स्वास्थ्य, और हड्डी की मज़बूती का ध्यान रखना — जिसे स्टेरॉयड कमज़ोर कर सकते हैं — दीर्घकालिक देखभाल का हिस्सा हैं। बिमारी वापिस आने (Flare) के शुरुआती संकेतों को जानना, जैसे नाक या मूत्र संबंधी लक्षणों का लौटना, का अर्थ है कि बीमारी बढ़ने से पहले उपचार को समायोजित किया जा सकता है।
Frequently asked questions
ANCA का क्या अर्थ है?
ANCA का अर्थ है एंटी-न्यूट्रोफिल साइटोप्लाज़्मिक एंटीबॉडी Anti Neutrophil Cytoplasmic Antibody), एक एंटीबॉडी जो इन बीमारियों वाले कई लोगों के रक्त में मिलता है। इसका रक्त परीक्षण निदान का समर्थन करता है, पर निदान केवल परीक्षण पर नहीं, पूरे चित्र पर टिका होता है।
क्या ANCA-संबद्ध वैस्कुलाइटिस ठीक हो सकता है?
इसे आमतौर पर स्थायी रूप (permanent) से ठीक नहीं किया जा सकता, पर आधुनिक उपचार अधिकांश लोगों को रेमिशन (remission) में ले आता है, जहाँ बीमारी निष्क्रिय होती है। निरंतर निगरानी और मेंटेनेंस उपचार इसे वैसा ही बनाए रखते हैं।
मुझे इतने सारे परीक्षण और जाँच की ज़रूरत क्यों है?
AAV गुर्दों और फेफड़ों को कम बाहरी संकेतों के साथ प्रभावित कर सकता है, इसलिए नियमित रक्त और मूत्र परीक्षण किसी फ्लेयर या दुष्प्रभाव को जल्दी पकड़ने का तरीका हैं, जब इसका इलाज आसान होता है।
क्या दवाएँ ख़तरनाक हैं?
दवाएँ बीमारी को नियंत्रित करने के लिए प्रतिरक्षा तंत्र को कमज़ोर करती हैं, जिससे कुछ संक्रमणों(infection) का जोखिम बढ़ता है। निगरानी(checkup), टीकाकरण (vaccine), और समझदारी भरी सावधानियों के साथ, वैस्कुलाइटिस को नियंत्रित करने का लाभ अधिकांश लोगों के लिए जोखिमों से अधिक होता है।
References
- EULAR recommendations for the management of ANCA-associated vasculitis
- 2021 American College of Rheumatology/Vasculitis Foundation Guideline for the Management of ANCA-Associated Vasculitis